अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषापर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषा
पर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा होजो हंसे भी साथ और रोए भी साथ
अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा हो
जो हंसे भी साथ और रोए भी साथ
आप भूल गए हमें, लेकिन हम नहीं भूले,याद करते हैं हर पल, बीते हुए जिंदगी के कुछ पल.
आप भूल गए हमें, लेकिन हम नहीं भूले,
याद करते हैं हर पल, बीते हुए जिंदगी के कुछ पल.
जमाना अगर हम से रूठ भी जाये तो,
इस बात का हमें गम कोई न होगा,
मगर आप जो हमसे खफा हो गए तो,
हम पर इस से बड़ा सितम न कोई होगा।
Good Morning Shayari
इक नाम क्या लिखा तिरा साहिल की रेत पर
फिर उम्र भर हवा से मेरी दुश्मनी रही