हम अच्छे सही पर लोग ख़राब कहतें हैं,
इस देश का बिगड़ा हुआ हमें नवाब कहते हैं,
हम ऐसे बदनाम हुए इस शहर में,
कि पानी भी पीये तो लोग उसे शराब कहते हैं…
कश्ती है, पुरानी मगर दरिया बदल गया।
मेरी तलाश का भी जरिया बदल गया।
ना शक्ल बदली, ना ही बदला मेरा किरदार,
बस लोगों को देखने का नजरिया बदल गया।
उसके नर्म हाथों से फिसल जाती है चीज़ें अक्सर ….,
मेरा दिल भी लगा है उनके हाथो , खुदा खैर करे …
Chalo Baant Lete Hein Kuch
Is Tarah Se Duniya Saari
Chalo Sab Kuch Tum Rakh Lo,
Ek Bus Tum Hamaare..!!
मुहब्बत खूबसूरत होती होगी किसी और ज़माने में
हमपे जो गुजरी है वो हम ही जानते हैं