उसके नर्म हाथों से फिसल जाती है चीज़ें अक्सर ….,
मेरा दिल भी लगा है उनके हाथो , खुदा खैर करे …
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है
इस गर्मी का आलम बस ...इतना समझ ले ग़ालिब....कपडे धोते ही सुख जाते है ।और पहनते ही गीले हो जाते है ।।
इस दिल को किसी की आहट की आस रहतीहै, निगाह को किसी सूरत की प्यास रहती है,तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही, फिरभी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है॥
लड़का (रोमांटिक अंदाज में):
जान देखो,
मैं तुम्हारी जुल्फों के लिए क्या लाया हूं……?
लड़की :
सो स्वीट…!! क्या लाए…..?? O.o
लड़का : जूं निकालने वाली कंघी…..!