खुश रहना तो हमने भी सीख लिया था
उनके बगैर
मुद्द्त बाद उन्होने हाल पूछ के फिर
बेहाल कर दिया..
उसको चाहा पर इजहार करना नही आया,
कट गयी उम्र हमें प्यार करने नही आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मागी रजाई,
और हमे इंकार करना नही आया....
आज हम उनको बेवफा बताकर आए है,उनके खतो को पानी में बहाकर आए है,कोई निकाल न ले उन्हें पानी से..इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।
बड़े प्यार से तराशा था उस संगेमरमर कोबड़ा नाज़ था उसे अपने आप पर.एक दरार क्या पड़ीकिसीने मुड़ कर देखना तक गंवारा न समझा.
Jis Jagah Jaakar Koee Vaapas Nahin AataJaane Kyon Aaj Vahaan Jaane Ko Jee Chaahata Hai