पल पल से बनता है एहसास,एहसास से बनता है विश्वास,विश्वास से बनते हैं कुछ रिश्ते,और उन रिश्तों से बनता है कोई खास।
पागलपन की हद से ना गुजरे तो वह प्यार कैसा होश में तो रिश्ते निभाए जाते है|
जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!
शिकायते बहुत है तुझसे ऐ जिंदगी पर चुप इसलिए हु क्योकि जो तूने दिया वो बहुतो को नसीब नहीं होता|शुप्रभात