रोज़ यही शिकवा आगोश में खिलते क्यूँ नहीं,
मुलाक़ात करते हो आए दिन मिलते क्यूँ नहीं.
कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,आगोश में रहा,ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,मैं उनका रहा.
कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,
आगोश में रहा,
ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,
मैं उनका रहा.
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !
"मैं हज़ारों से मिल रहा हूँ,सैकड़ो से बातें करता हूँ,कमी तुम्हारी पूरी ना हुई,सब में तुम्हीं को ढूंढ रहा हूँ l"
मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है …..मिल जाये तब भी और ना मिले तब भी !!
"हर सुबह अंतिम और शाम आख़री हो सकती है,दो पल की ज़िंदगी, एक पल में बड़ी हो सकती है,