मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !
हमने चाहा था जिसे उसे दिल से भुलाया न गया,
जख्म अपने दिल का लोगों से छुपाया न गया,
बेवफाई के बाद भी प्यार करता है दिल उनसे,
कि बेवफाई का इल्ज़ाम भी उस पर लगाया न गया।
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
तुझे चाहा रब से भी ज्यादा फिर भी ना तुझे पा सकेरहे तेरे दिल में मगर तेरी धडकन तक ना जा सकेजुड़के भी तुटी रहि ईश्क कि डोर वेकिस्मत के मारे असी कि करीये किस्मत पे किसका जोर
Suna Hai Wo Jate Hue Keh Gay EkeAb To Hum Sirf Tumare Khabo Me Ayenge,Koi Keh De Unse Ke Wo Wada Kar Lee,Hum Jindagi Bhar Ke Liye So Jayenge