कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,आगोश में रहा,ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,मैं उनका रहा.
कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,
आगोश में रहा,
ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,
मैं उनका रहा.
मै खुद लिखता हूँ मोहब्बत
तुम आइने को संवार लो
मै अपनी खुशबु बिखेर देता हूँ
तुम अपनी जुल्फों को सवार लो
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
शिकवा भी होगा हमसे शिकायत भी होगी,
पर दोस्त से गिला किया नहीं करते।
हम अच्छे नहीं बुरे ही सही,
तुम्हें वैलेंटाइन मुबारक हो,
लेकिन हम जैसा दोस्त मिला नहीं करते।।
Main uske haathon ka khilona hi sahi;
kuch der ke liye hi sahi, usne mujhe chaha to hai..