जो लोग जानते है बिछड़ने का गम,वो साथ बैठे परिंदो को उड़ाया नहीं करते।
जो लोग जानते है बिछड़ने का गम,
वो साथ बैठे परिंदो को उड़ाया नहीं करते।
हर चीज़ बिकने लगी है किश्तों परख्वाहिशों पे लगाम कोई कैसे लगाये?
मुझे तेरे सपनों से प्यार इतना हैं,
की खुद को उनके लिए न्योछावर कर दूँ.
करूँ बस मैं आपसे मोहब्बत इतनी,
और अपना ये साल आपके नाम कर दूं.
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.
गैर ले महफ़िल में बोसे जाम के
हम रहें यूँ तश्ना-ऐ-लब पैगाम के
खत लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो
हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के
इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया
वरना हम भी आदमी थे काम के
हमें तुमसे मोहब्बत न होती,,
सिर्फ दो ही हालत में…
या “तुम” बने न होते,
या ये दिल बना न होता…
तू मुहब्बत है मेरी इसलिए दूर है मुझसे
अगर जिद होती तो अब तक बाँहों में होती