वक़्त नूर को बेनूर बना देता है, छोटे से जख्म को नासूर बना देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है.
बड़ी सख्त इम्तिहान की घड़ी होती हैं,
सुबह-सुबह ठंड में नहाना बात बड़ी होती हैं…
Happy Winter Season
देखो, आहिस्ता चलो, और भी आहिस्ता ज़रादेखना, सोच-सँभल कर ज़रा पाँव रखना,ज़ोर से बज न उठे पैरों की आवाज़ कहीं.काँच के ख़्वाब हैं बिखरे हुए तन्हाई में,ख़्वाब टूटे न कोई, जाग न जाये देखो,जाग जायेगा कोई ख़्वाब तो मर जाएगा
“Alfaaz To Bahut Hain
Mohabbat Bayan Karne Ke Liye..
Par Jo Khamoshi Nahi Samjh
Sakte, Wo Alfaaz Kya Samjhenge..!!
पहले नमकफिर निम्बू और अब चारकोल आ गया है.. टूथपेस्ट में।..अरे जालिमो ... अल्कोहल डाल दो,मजा आ जाये सुबह -सुबह.