"एक बटन के फासले पे ज़िंदगी थी,किसी से पहले पर दबाया ना गया lमिट जाते सारे दिलों के फासले 'जाना',इश्क़ में अहं को भुलाया ना गया l"
जिनके लिए हम लिखते है ,अक्सर , उनको ही हम कुछ लिख नहीं पाते !!
खोज के बाहर तुमको,
हार गया हूँ मैं,
झाँका जब मन भीतर,
वंही बैठी थी तुम l
आज आपकी रात की अच्छी शुरुआत हो,
रात भर खूबसूरत सपनो की बरसात हो,
जिन्हें आपकी निगाहे हर वक्त ढूंढती रहती हैं,
खुदा करे आपसे उनकी सपनो में मुलाकात हो।
तूने रुख से नक़ाब क्या उठाया,
कम्बखत दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर , सितारे हैं छुपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा
Dafan Karna Mujhe Apni Ankhon Me….
Ye Meri Aakhri Wasiyat Hai..!!