तूने रुख से नक़ाब क्या उठाया,
कम्बखत दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर , सितारे हैं छुपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा
ये साल भी उदासियाँ दे कर चला गया,
तुमसे मिले बगैर दिसंबर चला गया,
आज एक और बरस बीत गया उसके बगैर,
जिसके होते हुए होते थे जमाने मेरे।
New Year Sad Shayari 2021
इन अश्कों की आंखों से जुदाई कर देना,
अपने दिल से सारे गमो की जुदाई कर देना,
अगर फिर भी दिल न लगे जाने वफ़ा,
तो आकर मेरे घर की सफाई कर देना।
Nepali : Saab ye shaam singh ka mobile kaha milegaSalesman : Pata nahiNepali : Saab ji TV me ad to isi dukan ka hai.Salesman : Abey ye sham singh nahi, SAMSUNG hai!!
मैंने दबी आवाज़ में पूछा - "मुहब्बत करने लगी हो?"नज़रें झुका कर वो बोली - "बहुत"