तेरे बाद कुछ यूं मोहब्बत निभाई है मैंने,
तुम नहीं कोई नहीं कसम खाई है मैंने!
बहुत शोर है आज हवाओं में,पीछे ना जाने, नुकसान कितना है,उड़ा जाता मन द्वन्द तो लगता,संभालना खुद को आसान कितना है l
मैं नदी तो,तुम समन्दर हो,
चला कंही से,पर तुम पर ठहरा हूँ💕
हिम्मत नहीं अब बहस करने की
जो तुम कहो वही ठीक है !
कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ
दिल को किस बात ने उदास किया