अब तो कुछ भी चाहने से भी डर लगता है मुझको क्योंकि, जो भी चाहा आज तक मुझे वो हमेशा ही नहीं मिला,गुस्सा मुझे इस बात का नहीं है की जो सोचा वो नहीं मिला, बल्कि इस बात का है कि मैंने किसी को चाहा पर मुझे चाहने वाला नहीं मिला। 😠😓
अब तो कुछ भी चाहने से भी डर लगता है मुझको क्योंकि,
जो भी चाहा आज तक मुझे वो हमेशा ही नहीं मिला,
गुस्सा मुझे इस बात का नहीं है की जो सोचा वो नहीं मिला,
बल्कि इस बात का है कि मैंने किसी को चाहा पर मुझे चाहने वाला नहीं मिला। 😠😓
चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें,अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे देंइससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने धड़कते हुएअरमानों एक सुरमई शाम दे दें !
कुछ सोचु तो तेरा ही ख्याल आता हैंकुछ बोलू तो तेरा नाम आता हैंकब तक मैं छुपाऊँ अपने दिल की बातउस की हर अदा पे हमे प्यार आता हैं
Humne to khud se inteqam lia ,
Tumne kya soch kar humse mohabbat ki?
ना चाँद की चाहत
ना सितारों की फरमाइश
हर जन्म में तू मिले
मेरी बस यही ख्वाहिश