किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगाहमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगा
हमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं,सुकून वहीं से शुरू होता है !
हमें क्या पता था?
कि इश्क कैसा होता है?
हमें तो बस आप मिले और,
इश्क हो गया.
ये बदमाशी की बातें सोच समझ कर किया कर बेटे,
क्योंकि जिन किताबों से तूने सीखा है वो किताब मैंने ही लिखी है !
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो