कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पुरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं,सुकून वहीं से शुरू होता है !
"हर नज्म में तुमको लिखा है,हर शब्द में तुमसे मिला है,ये दिल आवरगी में भी रहा हो,कलम उठा तुमसे ही मिला है l"
हमें क्या पता था?
कि इश्क कैसा होता है?
हमें तो बस आप मिले और,
इश्क हो गया.
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो