दो मिनट मिल जाएँ आँखे, तो वक़्त ठहर जायेगा,जानती हो!एक समंदर दो आँखों में उतर आएगा l
बन के रूह तेरे जिस्म मे उतार जाऊं तो अच्छा है,
किसी रात तेरी गोद में सर रख कर सो जाऊं,
उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा है
सुबह उठन उठकर स्कूल जाना,
जल्दी जल्दी में माँ की बनाई लंच भूल जाना।
ज़िंदगी बड़ी ज़ालिम हैं ये दोस्त,
बढ़ते उम्र के साथ माँ को मत भूल जाना.
Good Morning Shayari
तुझको खुदा ने रुक-रुक बनाया,
पूरी ज़माने की खुदाई तुझ में ही भर दी,
हर अंग तेरा जैसे ,
रह-रह तू बरसे सावन महीना…
अपने साये से भी अश्कों को छुपा कर रोना
जब भी रोना तो चिरागों को बुझा कर रोना
जहाँ चोट खाना वहां मुस्कुराना
मगर इस अदा से के रोये सारा ज़माना
बात दिन की नहीं, अब रात से डर लगता है
घर है कच्चा मेरा बरसात से डर लगता है
प्यार को छोड़ कर तुम और कोई बात करो
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है