अपने साये से भी अश्कों को छुपा कर रोना
जब भी रोना तो चिरागों को बुझा कर रोना
जहाँ चोट खाना वहां मुस्कुराना
मगर इस अदा से के रोये सारा ज़माना
रिश्ता ऐसा हो जिस पर नाज़ हो,
कल जितना भरोसा था उतना ही आज हो,
रिश्ता सिर्फ वो नहीं जो ग़म या ख़ुशी में साथ दे,
रिश्ते तो वो हैं जो हर पल अपनेपन का एहसास दें!
टीम इंडिया परिवार सात आठ खाने-वाले लोग, अकेला कमाने वाला बाप...ऐसी हालत हो गई है कोहली की। बूढ़ा बाप युवराज, दो पढ़े-लिखे लेकिन बेरोजगार बेटे.... धवन और रोहित शर्मा कर्जा बढ़ाने वाले दो साले... जडेजा और रैना एक धोनी जैसी मां है, जो चार घरों में नियमित काम कर घर का खर्चा संभालती है... नहीं तो यह घर कब का टूट जाता।
गुज़रते लम्हों में सदिया तलाश करता हूँ,
ये मेरी प्यास है नदिया तलाश करता हूँ.
यहाँ तो लोग गिनाते है खुबिया अपनी,
में अपने आप में खामिया तलाश करता हूँ….!!
Har aankh yahan yun to bahut roti he,
har boond magar ashk nahi hoti he,
par dekh k ro de jo zamaane ka gam,
us aankh se aansu jo gire moti he…