बात दिन की नहीं, अब रात से डर लगता है
घर है कच्चा मेरा बरसात से डर लगता है
प्यार को छोड़ कर तुम और कोई बात करो
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है
तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है
Suna Hai Wo Jate Hue Keh Gay EkeAb To Hum Sirf Tumare Khabo Me Ayenge,Koi Keh De Unse Ke Wo Wada Kar Lee,Hum Jindagi Bhar Ke Liye So Jayenge
मेरी दोनों कोशिशें कभी कामयाब ना हो सकी . .
पहला तुझे पाने की फिर तुझे भूल जाने की…
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!