छोड़ कर तुम्हारे सपनेकुछ और ना देखना चाहूंगा.ताउम्र तुमसे ही मोहब्बतमैं बेपनाह करना चाहूंगा..
छोड़ कर तुम्हारे सपने
कुछ और ना देखना चाहूंगा.
ताउम्र तुमसे ही मोहब्बत
मैं बेपनाह करना चाहूंगा..
मेरा हाथ और मेरी आत्मा ले लो,
यह तुम्हारे लिए है।
फूलों की तरह महकते रहो,सितारों की तरह चमकते रहो,किस्मत से मिली है ये ज़िंदगी,खुद भी हंसो और औरों को भी हंसाते रहो..शुभ रात्रि।।
शुभ रात्रि।।
तलवार के घाव मिट जाते है
लेकिन बातों के घाव हमेशा याद रहते है…!!
किसी भी मोड पर अगर मैं बुरा लगूँ, तो जमाने को बताने से पहले
एक बार मुझे बता देना, क्योंकि मुझे बदलना है जमानेको नहीं
इरादा तो हरगिज न था तुमसे मोहब्बत का,
सच कहे तो तुम्हे देखते ही मोहब्बत हो गयी।