उन परिंदो को कैद करना...
मेरी फितरत में नहीं...
जो मेरे दिल के....
पिंजडे में रहकर भी....
गैरों के साथ....
उड़ने का शौक रखते है ।।
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं
कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है
मोमबती के अंदर पिरोया गया
धागा मोमबती से पूछता है.. ..
"" जब मैं जलता हूं तो तू क्युं
पिघलती (रोती) है ।
मोमबती ने सुंदर जवाब
दिया ....
कहा कि-----
जब किसी को दिल के अंदर
जगह दी हो और वो ही छोड़के
चला जाये तो रोना तो आयेगा ही...
रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !