सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं|
जिंदगी में किसी का साथ काफी है,कंधे पर किसी का हाथ काफी है,दूर होया पास..क्या फर्क पड़ता है...अनमोल रिश्तो का तो बस एहसास काफी है|
जब छोटे थे तब बड़े होने की बड़ी चाहत थी ! पर अब पता चला कि : अधूरे एहसास और टूटे सपनों से, अधूरे होमवर्क और टूटे खिलौने अच्छे थे !