जिंदगी में किसी का साथ काफी है,कंधे पर किसी का हाथ काफी है,दूर होया पास..क्या फर्क पड़ता है...अनमोल रिश्तो का तो बस एहसास काफी है|
ना गिन कर दिया
ना तोल कर दिया,
जब भी दिया
शेरोंवाली माँ ने,
दिल खोल कर दिया…
जय शेरोंवाली माँ
Na Samajh Sakoge Qayamat Tak Jise Tum,,
Qasam tumhari tumhen itna pyar karte hain..
Chahat hai kisi chahat ko pane ki,
chahat hai chahat ko aazmane ki,.
Wo chahe hume chahe na chahe par
chahat hai unki chahat me mit jane ki.
ये कैसा सरूर है तेरे इश्क का मेरे मेहरबाँ,
सँवर कर भी रहते हैं बिखरे बिखरे से हम!