जो लोग जानते है बिछड़ने का गम,वो साथ बैठे परिंदो को उड़ाया नहीं करते।
जो लोग जानते है बिछड़ने का गम,
वो साथ बैठे परिंदो को उड़ाया नहीं करते।
मैं दर्द का दरिया हूँ ,तुम सुकून का समन्दर हो जाना lडूबा लेना मुझको खुद में,मेरे लिए इश्क का कलन्दर हो जाना l
मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं
दुनियाँ के शर्तो से बंध जाये शायद ये जीवन,अच्छा है सबसे तुमसे बंधा मेरा प्रेमी मन l
"मैं अक्सर उसकी बातों में आ जाता हूँ,फिर हर बार की तरह, छला जाता हूँ l"
जल्दी ही लौटेंगे खुशिया अभी कुछ गमो का शोर ह
जरा सम्भल कर रहिये इम्तिहानो का दौर ह