बेकाबू हो जाती है उस वक्त धड़कन मेरी,
जब तुम आहिस्ता आहिस्ता मेरे करीब आते हो!
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
जिंदगी बहुत खूबसूरत है सब कहते थे
जिस दिन तुझे देखा तो मुझे
यकीन भी हो गया…
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद..दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं..
खन खना खन है ख्यालों मेंजरुर आज उसने कंगन पहने होंगे