ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;
जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
सुबह की चाय,घर की बालकनीतुम्हारे य़ादों का साथ खास है lयही सिलसिला है रोज का ,तुमसे ही चाय की मिठास है l
दरारें मत आने दीजिए,चाहे रिश्ता हो या दीवारें,बाहरी हवा अक्सर वहीं..अपना रास्ता बना लेती है।
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी करना