तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,
ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
सभी तारीफ करते हैं मेरी शायरी की लेकिन
कभी कोई सुनता नहीं मेरे अल्फाज़ो की सिसकियाँ
दिल दुखाया करो इजाजत है,
भूल जाने की बात मत करना।
" दो ही नशा है जो मैं करता नहीं,और बिन किये भी मैं रहता नहीं,एक चाय और एक तुम.. "
मैं ख्याल में हूँ तेरे,यातू ख्याल में है मेरे l