हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया हैचलो थोड़ी दिल्लगी भी कर लेजहां वफ़ा नहीं जीत सकीथोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले
हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले
जहां वफ़ा नहीं जीत सकी
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले
ये जो खामोश से अलफ़ाज़ लिखे है न,पड़ना कभी ध्यान से चीखते कमाल है।
ये जो खामोश से अलफ़ाज़ लिखे है न,
पड़ना कभी ध्यान से चीखते कमाल है।
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
उसके अन्दाजे इश्क से,लोग पागल हो जाते है lएक हम है जो नखरे पर,हर बार कायल हो जाते है l
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
उड़ने दो रंगों को इस बेरंग जिंदगी में,
एक त्यौहार ही तो है जो हमें रंगीन बनाते है.
Happy Holi