हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,
वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
भारत के गणतंत्र का,
सारे जग में मान है,
दशकों से खिल रही,
उसकी अदभुत शान हैं.
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
भुलाया उनको जाता है जो दिमाग में बसते है,
दिल में बसने वालो को भूलना नामुमकिन है!!
Kishmat Jab Bina Mange Kuch Deti Hai
To Bina Puche Cheen Bhi Leti Hai.