किसी को डर है इंसान का,
तो किसी को हैवान का .
कोई इससे नहीं बचता ,
डर थोडा-थोडा सबको लगता.
अंधेरों का डर यहाँ किस को है….
डर तो उसका है जो उजालो में ना हो सका!
दिल में क्या फूल खिला करते थे,
अपना घर सजाने की खातिर,
हम उसका नाम लिखा करते थे,
कल उसे देखा तो याद आया
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे!!
बम भोले डमरू वाले शिव का प्यारा नाम है
भक्तो पे दर्श दिखाता हरी का प्यारा नाम है
शिव जी की जिसने दिल से की है पूजा
भगवान् शंकर ने सवारा उसका काम है !
कभी शब्दो में न
तलाश करना वजूद
मेरा...
मैं उतना कह नहीं
पाती,जितना
महसूस करती हूँ..