'ज़िन्दगी ' मैं किसी का साथ काफी है, कंधे पर किसी का हाथ काफी है,
दूर हो या पास क्या फर्क पड़ता है, अनमोल रिश्तों का तो बस एहसास ही काफी है
घर में भी दिल नहीं लग रहा, काम पर भी नहीं जा रहाजाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा।
रात के तीन बजने को हैं, यार ये कैसा महबूब है?जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा।
तेरा इंतेज़ार मुझे हर पल रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धड़कने रुक सी जाती है,
की तू मेरे दिल मे मेरी धड़कन बनके रहता है!!
तय है बदलना, हर चीज बदलती है इस जहां में,
किसी का दिल बदल गया, किसी के दिन बदल गए।
बेवफा कहने से पहले
मेरी रग रग का खून निचोड़ लेना
कतरे कतरे से वफ़ा न मिले तो
बेशक मुझे छोड़ देना..
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है..दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।