कागज पर गम को उतारने के अंदाज ना होते…
मर ही गये होते अगर शायरी के अल्फाज ना होते…
कब आया, कब चला गया,कोई लुढ़कता सामान हो जाता हूँ,पेट की आग बुझाने को,रहता हूँ घर से दूर,कब आया, कब चला गया,अपने घर में भी, मेहमान हो जाता हूँ l
Heart Broken Shayari
Raat hain kafi, thandi hawa chal rahi hain..
Goodnight Shayari
भले ही किसी गैर की जागीर थी वो,
पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थी वो,
मुझे मिलती तो कैसे मिलती,
किसी और के हिस्से की तक़दीर थी वो
छोटी सी है है ज़िन्दगी तो तकरार किस लिये,
रहते हो दिल में तो फिर दिवार किस लिए.