जमाना अगर हम से रूठ भी जाये तो,
इस बात का हमें गम कोई न होगा,
मगर आप जो हमसे खफा हो गए तो,
हम पर इस से बड़ा सितम न कोई होगा।
हम अपने प्यार का इज़हार इसलिए नहीं करते
क्यूंकि हम उनकी हाँ या ना से डरते है..
अगर उन्हों ने कर दी हाँ तो ख़ुशी से मर जायेंगे
और कर दी ना तो रो-रो कर मर जायेंगे.
मिलने का वादा कर गयी थी,
वापस लौट आउंगी ये कहकर गयी थी,
आई है अब वो जनाज़े पे मेरे,
वादा वो अपना निभाने चली थी!!
इत्तेफाक से तो नहीं,
हम दोनों टकराये
कुछ तो साजिश
खुदा की भी होगी