जिस्म छू के तो सब गुज़रते हैं,रूह छूता है कोई हजारों में…
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले
रिश्ता ऐसा हो जिस पर नाज़ हो,
कल जितना भरोसा था उतना ही आज हो,
रिश्ता सिर्फ वो नहीं जो ग़म या ख़ुशी में साथ दे,
रिश्ते तो वो हैं जो हर पल अपनेपन का एहसास दें!
मोमबती के अंदर पिरोया गया
धागा मोमबती से पूछता है.. ..
"" जब मैं जलता हूं तो तू क्युं
पिघलती (रोती) है ।
मोमबती ने सुंदर जवाब
दिया ....
कहा कि-----
जब किसी को दिल के अंदर
जगह दी हो और वो ही छोड़के
चला जाये तो रोना तो आयेगा ही...
रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !