रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !
लड़का (रोमांटिक अंदाज में):
जान देखो,
मैं तुम्हारी जुल्फों के लिए क्या लाया हूं……?
लड़की :
सो स्वीट…!! क्या लाए…..?? O.o
लड़का : जूं निकालने वाली कंघी…..!
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
सब कुछ झूठ है
लेकिन फिर भी बिलकुल सच्चा लगता है…
जानबूझकर धोखा खाना कितना अच्छा लगता है
बे-फिजूली की जिंदगी का सिल-सिला ख़त्म,जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।