प्यार क्या है ना पूछों तुम मुझसे
क्या बताने से मान जाओगे
यूं बताने से फायदा भी नहीं
कर के देखो तो जान जाओगे
आज की रात भी तन्हा ही कटी
आज के दिन भी अंधेरा होगा
बस ये हुआ कि उस ने तकल्लुफ़ से बात की
और हम ने रोते रोते दुपट्टे भिगो लिए
मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा
किसके बारे में सोचती हैं दोस्त तू तो बिल्कुल बदल गई हैं दोस्त
तेरी खातिर तेरी ख़ुशी के लिए, मैंने सिगरेट भी छोड़ दी हैं दोस्त
एक शिकायत मुझे भी हैं तुझसे, तू बहुत झूठ बोलती हैं दोस्त.