कुछ आपका अंदाज है कुछ मौसम रंगीन है,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन है!
ये जो बात-बात पे कहते हो,हमारे बीच सब खत्म हो गया,ये तो बताती जाओ...कभी कुछ था क्या...
जिन्दगी हल्की फुल्की हैबस उम्मीदों का बोझ भारी है lजिन्दगी कल भी बहुत प्यारी थी,जिन्दगी आज भी बहुत न्यारी है l
"अखिल प्रेम की कल्पना है यही,प्रेम की है जग में, सत्या जो सही,मौन की अपनी भाषा, होती प्रिय,प्रेम की बात तो, प्रेम से ही कही l"