तुम हंसते हो मुझे हंसने के लिए,
तुम रोटे हो तो मुझे रूले के लिए,
टीएम एक बार रूथ कर तो देखो,
मार जाएंगे तुम्हें मनाने के लिए।
Sorry
दिल का दीपक कुछ ऐसे जल जाये,पत्थर में भी मोह्हबत उतर आये
इतने घने बादल के पीछे
कितना तन्हा होगा चाँद
जिस्म छूने से मोहब्बत नहीं होती,
इश्क़ वो जज़्बा है जिसे ईमान कहते हैं
उसने मोहब्बत, मोहब्बत से ज़्यादा की थी,
हमने मोहब्बत उस से भी ज़्यादा की थी,
वो किसे कहेंगे मोहब्बत की इन्तहा,
हमने शुरुआत ही इन्तहा से ज़्यादा की थी.
जिस जिस ने मुहब्बत में,
अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए,
उनको जुदा कर दिया...