जिस जिस ने मुहब्बत में,
अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए,
उनको जुदा कर दिया...
मुझे अपने कल की फ़िक्र आज भी नहीं है
लेकिन तुझे पाने की चाहत क़यामत तक रहेगी
इस नये साल मे खुशियों की बरसाते हो,प्यार के दिन और मोहब्बत भरी राते हो,रंजिशे नफ़रते मिट जाए सदा के लिए,सभी के दिलो में ऐसी चाहतें हो!!
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!
चाहता कौन है बेवफ़ायी करना
उसने परिवार सम्भाला होगा
यही सोच कर समझाता हूँ ख़ुदको
मजबूर होकर मुझे दिल से निकाला होगा