शक से भी अक्सर खत्म हो जाते है कुछ रिश्ते कसूर हर बार गलतियों का नहीं होता|
होने लगा है हिसाब, नफे और नुकसान का ....मासूम सी मोहब्ब़त, व्यापार हो गई ...!!