बीत रहा सावन बिन तेरे संग,बरस रहा बादल आसुंओ के रंग lआओ के जागे की मन में नये उमंग,हाय! ये सावन, हाय!दिल की जंग l
किसी को क्या बताये की
कितने मजबूर है हम..!!
चाहा था सिर्फ एक तुमको और
अब तुम से ही दूर है हम..!!
"जब कोई पूछता है, 'प्यार समझते हो ',लबों पे तुम्हारा नाम आते-आते रह जाता है l"
"दोष अपना टालते है,
दूसरे पे डालते है,
जिम्मेदारी लोगों के सीने में सोती है
भारत माँ, अपने भाग्य पे रोती है l
अजीब शख़्स है नाराज़ हो के हँसता है
मैं चाहता हूँ ख़फ़ा हो तो वो ख़फ़ा ही लगे