"आँखें खोलते ही ज़िंदगी,
दहशत में नज़र आ रही है,
ना जाने कितनी गलतियों का,
हिसाब एक साथ चुका रही है l"
ख़ुशियों की ख़ातिर हमने कितने क़र्ज़ उतार रक्खे हैं
ज़िंदगी फिर भी तूने हमपे कितने दर्द उतार रक्खे हैं
मासूम अगर होता तो सब मिलके लूट लेते
जाने किस अपने ने मेरे दुश्मन उतार रक्खे हैं
प्यार में दुनियाँ खुबसूरत लगती है,
दर्द में दुनियाँ दुश्मन लगती है।
तुम जेसे दोस्त जिन्दगी में हो तो,
"बिसलेरी" भी
साली "किंगफिशर" लगती है...
😂😂😂😂
“Alfaaz To Bahut Hain
Mohabbat Bayan Karne Ke Liye..
Par Jo Khamoshi Nahi Samjh
Sakte, Wo Alfaaz Kya Samjhenge..!!
आँखो से आँखे मिलाकर तो देखो,
एक बार हमारे पास आकर तो देखो,
मिलना चाहेंगे सब लोग तुमसे,
एक बार मेरे दोस्त साबुन से नहाकर तो देखो।