खुदा की फुर्सत में एक पल आया होगा,
जब उसने तुझ जैसा प्यारा इंसान बनाया होगा,
न जाने कौन से दुआ कुबूल हुई हमारी,
जो उसने मुझे तुझसे मिलाया होगा
Najroon Kii Juban Wo Samajh Nahii Paate..,
Honth Hamaare Kuch Keh Nahii Paate .
Dil Apni Majboorii Bataayee Kese.
Koi Hy Jin Kee Binaa Hum Reh Nahii Paate…
कुछ लम्हे और उसका साथ चाहता था,
आँखों में थमी वो बरसात चाहता था !!
जानता हु बहुत चाहती थी वो,
मगर उसकी जुबान से 1 बार इज़हार चाहता था...!!
गुज़रते लम्हों में सदिया तलाश करता हूँ,
ये मेरी प्यास है नदिया तलाश करता हूँ.
यहाँ तो लोग गिनाते है खुबिया अपनी,
में अपने आप में खामिया तलाश करता हूँ….!!