उठना, गिरना ,संभलना चलता रहता है ,यही ज़िन्दगी है ज़नाब !सांसो का आना जाना जब तक है ,हंसना ,रोना ,मुस्कुराना चलता रहता है l
वासना खींचती है,प्रेम प्रतीक्षा करता है...
"सारा ज़माना, सप्ताह की परेशानी सी लगती है,तुमसे मिलना, रविवार वाली आसानी सी लगती है l"
"दो कदम के फासले से, इश्क़ में हम हार गये,एक उन से ना तय हो सका, एक हम ना कर सके l"
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!