किसी को इतना मत चाहो कि भुला न सको,यहाँ मिजाज बदलते हैं मौसम की तरह।
हम आपको कभी खोने नहीं देंगेजुदा होना चाहो तो भी होने नहीं देंगेचांदनी रातों में जब आएगी मेरी यादमेरी याद के वो पल आपको सोने नहीं देंगेगुड नाईट
रोज़ मौसम की शरारत झेलता कब तक ,मैंने खुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र..!
कुछ चीजें कभी नही बदलती
जैसे माँ का प्यार, पिता की तुम्हारे
लिए चिंता और पुराने सच्चे दोस्तों का साथ |
" 'तुम ठीक हो' मेरे पूछने पे,जवाब 'हाँ' में आना ही..आज किसी मोह्हबत वाली,बात से जादा सुकून देता है l"
ये कैसा सरूर है तेरे इश्क का मेरे मेहरबाँ,
सँवर कर भी रहते हैं बिखरे बिखरे से हम!