दिल का दीपक कुछ ऐसे जल जाये,पत्थर में भी मोह्हबत उतर आये
फिजा में महकती शाम हो तुम,प्यार में झलकता जाम हो तुम
सीने में छुपाये फिरते हैं हम यादें तुम्हारी
इसलिए मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम
फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में …
हँसी चमकती रहे आपकी निगाह में …
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको,,,
दिल देता है यही दुआ हर बार आपको…
कही से ये फिजा आई
ग़मों की धुप संग लायी
खफा हो गये हम, जुदा हो गये हम....
मेरी तन्हाई का जो क़िस्सा है,
उसमें चाय का एक अहम हिस्सा हैं.