जिंदगी तस्वीर भी है और तक़दीर भी!
फर्क तो रंगों का है!मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर;और अनजाने रंगों से बने तो तक़दीर!!!
ठोकर खा कर भी अगर ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब...वरना राहों के पत्थर तो....अपना फ़र्ज़ अदा करते ही हैं.....
एक रास्ता यह भी है... मंजिलो को पाने का.... कि सीख लो तुम भी हुनर... हाँ में हाँ मिलाने का...