ठोकर खा कर भी अगर ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब...वरना राहों के पत्थर तो....अपना फ़र्ज़ अदा करते ही हैं.....
ऐसा लगता है, हर इम्तिहाँ के लिए,
किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है
कुछ तो धड़कता है ,रूक रूक कर मेरे सीने में ..
अब खुदा ही जाने, तेरी याद है या मेरा दिल......
अगर आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और उसके बाद भी आपने अपने फोन में रोमांटिक गाने भर रखे है तो आप गज़ब वाले आशावादी इंसान है
लिखना था की खुश हूँ तेरेबिना पर आंसू ही गिर पड़े आँखों से लिखने से पहले।