कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,आगोश में रहा,ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,मैं उनका रहा.
कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,
आगोश में रहा,
ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,
मैं उनका रहा.
एक सवाल पूछती है मेरी आत्मा अक्सर, मैने दिल लगाया या जिन्दगी दांव पर!
एक सवाल पूछती है मेरी आत्मा अक्सर,
मैने दिल लगाया या जिन्दगी दांव पर!
"है साथ जब वो तो,प्रेम है,जब साथ नहीं तो,प्रेम कहानी है,जिसे देख,जब गुजरे पल,प्रेम की कविता है l"
"हर सुबह अंतिम और शाम आख़री हो सकती है,दो पल की ज़िंदगी, एक पल में बड़ी हो सकती है,
जो गुज़ारी न जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी है।