मैंने कई बार की प्रार्थनापर ईश्वर सेमाँगा नहीं कभी कुछमुझे लगता हैवो जानता है...हमारे लिए क्या सही हैऔर क्या ग़लत..
"वो बार-बार DP बदल कर लगाते है,उन्हें पता ही नहीं,वो कितने खूबसूरत नज़र आते है,हर बार महज बदलते है कपड़े,दिल तो वही, सुन्दर सा लाते है l
अब ज़िंदगी तेरे दिल में गुजारनी है,तो मुझे ये गुनाह भी कबूल है,सज़ा साल, दो साल का मत रखनाताउम्र ही मेरी मोह्हबत का मूल है l
रात भी नींद भी
कहानी भी
हाए क्या चीज़ है
जवानी भी