एक कप चाय उनके नाम,मेरी वजह से जिनके सर में दर्द रहता है ।
हर रंग तुझ पर आकर निखर जाता है,तुमसे मिलना भी मेरा त्यौहार हो जाता है l
जाने अब कौन आँखों से निकल,कागज़ पे आने वाला है,सुना हैं मेरा मेहबूब फिर,कोई तस्वीर बनाने वाला है l
जो बेइन्तिहाँ चाहत से रूह में उतर जाये
सिर्फ वही मोहब्बत में माहिर है..
जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तुम
मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो तुम
लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन,
मेरी जिंदगी का एक सुन्दर सा गुलाब हो तुम
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाऊंगा..
तू जहाँ जहाँ जाएगी मैं वहाँ वहाँ आऊँगा..
साया तो छोड़ जाता है अँधेरे में साथ
लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाऊँगा.